स्वराज न्यूज़ अहमदाबाद।
गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार का मंगलवार को आखिरी दिन रहा। एक तरफ जहां पीएम मोदी ने आखिरी दिन सी-प्लेन में बैठकर अंबाजी के दर्शन किए तो, वहीं राहुल गांधी ने भी अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान राहुल गांधी ने गुजरात को लेकर पीएम मोदी से 14 वां सवाल किया।
इस बार का गुजरात चुनाव कड़वे बयानों के लिए याद रखा जाएगा। ऐसे में 14 दिसंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले हम आपको इस बार के गुजरात चुनाव से जुड़ी कुछ खास बातें बनाने जा रहे हैं।
इस चुनाव में कांग्रेस ने बदली हुई रणनीति के तहत हिंदूओं को लुभाने की कोशिश की। राहुल गांधी जिस भी इलाके में प्रचार के लिए गए, सबसे पहले वहां मंदिरों के दर्शन करने पहुंचे। ताकि सॉफ्ट हिंदूत्व के मामले में जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाई जा सके। मंगलवार को भी राहुल गांधी अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर गए। वहीं पीएम मोदी ने भी आज सी-प्लेन में बैठकर अंबाजी माता के दर्शन किए। हिंदू बनाम गैर हिंदू की बहस भी इस चुनाव में खूब उभरी। राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान एक विवाद में राहुल गांधी फंस गए। जब दर्शन करने पहुंचे राहुल गांधी की एंट्री गैर हिंदू रजिस्टर में हुई। इसके बाद कांग्रेस चौतरफा घिर गई। मुश्किल में फंसी कांग्रेस को राहुल गांधी की ‘जनेऊ’ वाली तस्वीरें जारी करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने पूरे प्रचार के दौरान हर रोज गुजरात से जुड़े मुद्दों पर सीधे पीएम से सवाल पूछा, मंगलवार को उन्होंने 14 वां सवाल पूछा। जिसमें गुजरात में दलितों पर हुए अत्याचार की बात उठाने के साथ ही प्रदेश में युवाओं के बेरोजगारी का मुद्दा छेड़ा।
इस पूरे चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी का नया रंग नजर आया। राहुल गांधी पूरे चुनाव में परिपक्व नजर आए। जहां जरुरी हुआ वहीं सीधे पीएम मोदी के खिलाफ बयान दिया। इसके बाद उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया ।गुजरात विधानसभा चुनाव वैसे तो विकास के मुद्दे पर लड़ा जाना था , मगर विकास तो कहीं नजर नहीं आया। उलटे बयानों में ‘विकास पागल होने’ वाला जुमला ज्यादा चलता दिखा। वहीं हिंदू बनाम गैर हिंदू का मुद्दा भी जमकर उछाला गया। ऊंच-नीच वाले बयान तक का जिक्र हुआ। गुजरात चुनाव की गर्मी पाकिस्तान तक सुनाई दी ।
गुजरात चुनाव कड़वाहट भरे प्रचार अभियान के लिए भी जाना जाएगा एक ओर जहां पीएम मोदी को लेकर ‘नीच’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बवाल हुआ तो बीजेपी नेताओं की ओर से किए गए पलटवार भी चर्चा में रहे। पिछले 22 सालों में पहली बार ऐसा हुआ, जब बीजेपी को कांग्रेस से टक्कर मिलती दिखाई दे रही है। इसकी वजह पीएम मोदी का गुजरात से बाहर होना भी है। इस बीच आरक्षण को लेकर गुजरात में शुरू हुआ आंदोलन पार्टी के लिए परेशानी का सबब भी बना।
पीएम मोदी ने मणिशंकर अय्यर के नीच वाले बयान को मुद्दा बना दिया और इसे गुजराती अस्मिता से जोड़ दिया। पीएम मोदी ने खुले मंच से गुजरात चुनाव में पाकिस्तान के हस्तक्षेप वाली बात बोल दी। वहीं अपना नाम सामने आते ही पाकिस्तान ने इस पर आपत्ति जताई। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने एक बयान जारी कर सीधे पीएम मोदी पर हमला बोला और पीएम के बयान को सियासी फायदा उठाने वाला करार दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और अरुण जेटली ने कांग्रेस को घेरते हुए उनसे जवाब मांग लिया।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार अभियान से पहले ही सबको नसीहत दे दी थी कि कोई भी पीएम मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेगा। मगर इसके बाद भी मणिशंकर अय्यर का पीएम मोदी को ‘नीच’ कहने वाला बयान सामने आ गया। ऐसे में ये देखने वाली बात होगी कि इसका चुनाव पर क्या असर पड़ता है। गुजरात चुनाव शुरू से ही विवादों में घिरा रहा। पहले तो इसकी तारीखों की घोषणा न होने पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के बीजेपी से मिले होने के आरोप लगा दिया।
इसके बाद चुनाव आयोग ने बीजेपी को नसीहत दी कि जीएसटी की दरों में की गई कमी के फैसले को चुनाव प्रचार के दौरान न इस्तेमाल किया जाए।
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